रविवार, 22 फ़रवरी 2026

गुणवत्ता के लिए उच्च-प्रबंधन की भूमिका

 गुणवत्ता के लिए उच्च-प्रबंधन की भूमिका 

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प्रतीकात्मक चित्र साभार NightCafe 

गुणवत्ता केवल दस्तावेज़ों का विषय नहीं है — यह नेतृत्व की सोच और प्रतिबद्धता से प्रारंभ होती है। ग्यारह ऐसे कार्य जिन पर उच्च-प्रबंधन को विशेष ध्यान देना चाहिए - 


1. स्पष्ट गुणवत्ता नीति और उद्देश्य निर्धारित करना 

   संगठन की दिशा स्पष्ट हो। गुणवत्ता नीति व्यावहारिक, मापनीय तथा व्यवसायिक लक्ष्यों से जुड़ी हो।


2. नेतृत्व द्वारा उदाहरण प्रस्तुत करना

   केवल निर्देश देने से नहीं, बल्कि व्यवहार से गुणवत्ता संस्कृति विकसित होती है। जैसा कि W. Edwards Deming ने कहा था – “A bad system will beat a good person every time.” 


   उच्च-प्रबंधन को गुणवत्ता के प्रति व्यवहारिक रूप से स्वयं रुचि लेकर ऐसे उदाहरण प्रस्तुत करने चाहिए, जिससे एक सुदृढ़ प्रणाली विकसित हो और प्रत्येक कर्मचारी उसे कार्यान्वित करने के लिए प्रेरित हो।


   उदाहरण के तौर पर, हमने देखा है कि अनेक संगठनों में आंतरिक संपरीक्षण (Internal Audit) के दौरान उच्च-प्रबंधन का संपरीक्षण नहीं किया जाता। नेतृत्व को स्वयं आंतरिक संपरीक्षण टीम को निर्देश देना चाहिए कि वे उनका भी संपरीक्षण करें और उनकी कमियों को इंगित करें, ताकि उनमें भी सुधार किया जा सके। यही वास्तविक नेतृत्व है।


3. ग्राहक की आवाज़ (Voice of Customer) को प्राथमिकता देना 

   ग्राहक संतुष्टि, शिकायतों का विश्लेषण तथा प्राप्त फीडबैक को रणनीतिक निर्णयों में सम्मिलित करना।


4. जोखिम-आधारित सोच (Risk-Based Thinking) अपनाना

   संभावित जोखिमों एवं अवसरों की पहचान कर समय रहते निवारक और सुधारात्मक कदम उठाना।


5. सक्षम एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन विकसित करना

   नियमित प्रशिक्षण, कौशल-विकास और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों को सशक्त बनाना।


6. प्रक्रियाओं का मानकीकरण एवं निरंतर सुधार

   PDCA (Plan-Do-Check-Act) चक्र के प्रभावी कार्यान्वयन पर ध्यान देकर निरंतर सुधार की संस्कृति को बढ़ावा देना। मानकीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्था आईएसओ (ISO - International Organization for Standardization) द्वारा प्रकाशित ISO 9001:2015 भी निरंतर सुधार (Continual Improvement) पर विशेष बल देता है।


7. पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना 

   उपयुक्त मानव संसाधन, अवसंरचना, आधुनिक तकनीक तथा सटीक मापन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना। यह ऐसा क्षेत्र है, जहाँ नेतृत्व की स्वीकृति और सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक होती है।


8. डेटा-आधारित निर्णय लेना 

   निर्णय तथ्यों, विश्लेषण तथा प्रमाणित आँकड़ों के आधार पर लिए जाएँ, न कि केवल अनुभव या अनुमान के आधार पर।


9. प्रभावी आंतरिक संचार प्रणाली विकसित करना 

   गुणवत्ता लक्ष्यों, परिवर्तित कार्यविधियों, उपलब्धियों और चुनौतियों की जानकारी संगठन के प्रत्येक स्तर तक स्पष्ट रूप से पहुँचे।


10. निष्पादन (Performance) की नियमित समीक्षा (Management Review)

    नियमित प्रबंधन समीक्षा बैठकों में गुणवत्ता उद्देश्यों, मुख्य निष्पादन संकेतकों (KPIs), ऑडिट परिणामों तथा सुधारात्मक कार्यों की समग्र समीक्षा करना।


11. गुणवत्ता संस्कृति (Quality Culture) को बढ़ावा देना 

    दोषारोपण (Blame Culture) के स्थान पर सीखने और सुधार की संस्कृति विकसित करना। कर्मचारियों को सुझाव देने, नवाचार करने और उत्तरदायित्व लेने के लिए प्रोत्साहित करना।


सार 


यदि उच्च-प्रबंधन जागरूक, प्रतिबद्ध और सक्रिय रहता है, तो पूरा संगठन गुणवत्ता के प्रति जागरूक हो जाता है। गुणवत्ता केवल किसी एक विभाग का उत्तरदायित्व नहीं, बल्कि नेतृत्व की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष परिणाम होती है।


सादर, 

केशव राम सिंघल 



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