क्या PDCA Cycle को अब PDCI Cycle के रूप में देखा जाना चाहिए?
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Plan–Do–Check–Act (PDCA) Cycle पिछले कई दशकों से गुणवत्ता प्रबंधन तथा विभिन्न Management Systems की आधारशिला रहा है। आज ISO 9001, ISO 14001, ISO 45001, ISO 50001, ISO 27001 सहित लगभग सभी प्रबंधन प्रणालियाँ इसी अवधारणा पर आधारित हैं। पिछले दिनों एक अनौपचारिक बातचीत में एक विचारणीय प्रश्न सामने आया कि क्या PDCA Cycle के अंतिम चरण "Act" को अधिक स्पष्ट रूप से "Improvement" के रूप में परिभाषित किया जाना चाहिए? क्या अब इसे PDCI (Plan–Do–Check–Improvement) Cycle के रूप में देखने का समय आ गया है? इस आलेख के माध्यम से मैं इस विषय पर विचार-विश्लेषण प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ।
PDCA Cycle का ऐतिहासिक महत्व
PDCA Cycle का विकास गुणवत्ता सुधार की अवधारणा को व्यवस्थित रूप से लागू करने के उद्देश्य से हुआ। इस चक्र के चार चरण हैं -
Plan – योजना बनाना।
Do – योजना का कार्यान्वयन।
Check – परिणामों का मूल्यांकन।
Act – आवश्यक कार्रवाई कर सुधार लागू करना।
दुनिया भर में इस वैश्विक रूप से स्वीकृत चक्र ने संगठनों को निरंतर सुधार की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
क्या "Act" शब्द पर्याप्त स्पष्ट है?
व्यावहारिक अनुभव बताता है कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अनेक प्रतिभागी "Act" का अर्थ केवल "कार्य करना" समझ लेते हैं। वास्तव में इसका आशय है -
- सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective action)
- आवश्यक परिवर्तन (Necessary change)
- सफल प्रक्रियाओं का मानकीकरण (Standardization of successful processes)
- अगली सुधार यात्रा का प्रारम्भ (Beginning of next improvement journey)
अर्थात "Act" का वास्तविक लक्ष्य सुधार (Improvement) ही है।
ISO Management Systems का दृष्टिकोण
वर्तमान में ISO प्रबंधन प्रणाली मानकों (Management System Standards) में "सुधार" (Improvement) को स्वतंत्र और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
लगभग प्रत्येक प्रबंधन प्रणाली का अंतिम उद्देश्य निम्न है -
- निरंतर सुधार (Continual Improvement),
- बेहतर प्रदर्शन (Improved Performance),
- जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन (Effective Management of Risks), और
- ग्राहकों एवं अन्य इच्छुक पक्षों (Interested Parties) की बढ़ती अपेक्षाओं की पूर्ति।
इस दृष्टि से "सुधार" (Improvement) शब्द आज पहले की अपेक्षा अधिक प्रमुख हो गया है।
PDCI Cycle का प्रस्ताव
यदि अंतिम चरण को सीधे "सुधार" (Improvement) कहा जाए, तो पूरा चक्र इस प्रकार होगा - Plan → Do → Check → Improvement
इससे प्रत्येक व्यक्ति को तुरंत यह संदेश प्राप्त होगा कि पूरी प्रणाली का अंतिम उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुधार (Improvement) प्राप्त करना है।
क्या PDCA को बदल देना चाहिए?
मेरे विचार से आधिकारिक रूप से PDCA को बदलने की आवश्यकता नहीं है। इसके निम्न प्रमुख कारण हैं -
- PDCA चक्र (Cycle) विश्वभर में स्वीकृत एवं स्थापित मॉडल है।
- "Act" के भीतर सुधार (Improvement) पहले से निहित है।
- वैश्विक मानकों एवं प्रशिक्षण सामग्री में परिवर्तन व्यावहारिक नहीं होगा।
अधिक उपयुक्त होगा कि प्रशिक्षण, लेखन एवं जागरूकता कार्यक्रमों में "Act" की व्याख्या इस प्रकार की जाए—
Act = Improve (सुधार) + Standardize (मानकीकरण) + Learn (सीख)
या
PDCA = Plan – Do – Check – Act for Improvement (सुधार के लिए)
इस प्रकार पारंपरिक मॉडल में परिवर्तन की ज़रूरत नहीं और सुधार (Improvement) का वास्तविक उद्देश्य भी स्पष्ट हो जाएगा।
निष्कर्ष
PDCA Cycle गुणवत्ता प्रबंधन का एक वैश्विक रूप में स्वीकृत मॉडल है। इसे बदलने की आवश्यकता नहीं है, किन्तु इसकी व्याख्या को आधुनिक संदर्भ में अधिक स्पष्ट बनाना आवश्यक है। यदि PDCI शब्दावली लोगों को यह समझाने में सहायक होती है कि प्रत्येक प्रबंधन प्रणाली का अंतिम लक्ष्य निरंतर सुधार (Continual Improvement) है, तो इसे एक वैचारिक मॉडल (Conceptual Model) के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
यद्यपि यह एक वैचारिक प्रस्ताव है, फिर भी संभव है कि भविष्य में गुणवत्ता विशेषज्ञों के बीच इस विषय पर व्यापक चर्चा प्रारम्भ हो और यह प्रबंधन प्रणालियों की अवधारणाओं के विकास में एक नया विमर्श बन जाए। यह आलेख लेखक के व्यक्तिगत विचार प्रस्तुत करता है। इसका उद्देश्य स्थापित PDCA अवधारणा को प्रतिस्थापित करना नहीं, बल्कि 'Act' चरण के अंतर्निहित उद्देश्य—निरंतर सुधार (Continual Improvement)—को अधिक स्पष्ट रूप से समझने और समझाने पर विचार-विमर्श को आगे बढ़ाना है।
सादर,
केशव राम सिंघल