शनिवार, 27 जून 2026

क्या PDCA Cycle को अब PDCI Cycle के रूप में देखा जाना चाहिए?

क्या PDCA Cycle को अब PDCI Cycle के रूप में देखा जाना चाहिए?

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Plan–Do–Check–Act (PDCA) Cycle पिछले कई दशकों से गुणवत्ता प्रबंधन तथा विभिन्न Management Systems की आधारशिला रहा है। आज ISO 9001, ISO 14001, ISO 45001, ISO 50001, ISO 27001 सहित लगभग सभी प्रबंधन प्रणालियाँ इसी अवधारणा पर आधारित हैं। पिछले दिनों एक अनौपचारिक बातचीत में एक विचारणीय प्रश्न सामने आया कि क्या PDCA Cycle के अंतिम चरण "Act" को अधिक स्पष्ट रूप से "Improvement" के रूप में परिभाषित किया जाना चाहिए? क्या अब इसे PDCI (Plan–Do–Check–Improvement) Cycle के रूप में देखने का समय आ गया है? इस आलेख के माध्यम से मैं इस विषय पर विचार-विश्लेषण प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ। 


PDCA Cycle का ऐतिहासिक महत्व


PDCA Cycle का विकास गुणवत्ता सुधार की अवधारणा को व्यवस्थित रूप से लागू करने के उद्देश्य से हुआ। इस चक्र के चार चरण हैं - 


Plan – योजना बनाना।

Do – योजना का कार्यान्वयन।

Check – परिणामों का मूल्यांकन।

Act – आवश्यक कार्रवाई कर सुधार लागू करना।


दुनिया भर में इस वैश्विक रूप से स्वीकृत चक्र ने संगठनों को निरंतर सुधार की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


क्या "Act" शब्द पर्याप्त स्पष्ट है?


व्यावहारिक अनुभव बताता है कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अनेक प्रतिभागी "Act" का अर्थ केवल "कार्य करना" समझ लेते हैं। वास्तव में इसका आशय है -


- सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective action)

- आवश्यक परिवर्तन (Necessary change)

- सफल प्रक्रियाओं का मानकीकरण (Standardization of successful processes)

- अगली सुधार यात्रा का प्रारम्भ (Beginning of next improvement journey)


अर्थात "Act" का वास्तविक लक्ष्य सुधार (Improvement) ही है।


ISO Management Systems का दृष्टिकोण


वर्तमान में ISO प्रबंधन प्रणाली मानकों (Management System Standards) में "सुधार" (Improvement) को स्वतंत्र और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।


लगभग प्रत्येक प्रबंधन प्रणाली का अंतिम उद्देश्य निम्न है - 


- निरंतर सुधार (Continual Improvement),

- बेहतर प्रदर्शन (Improved Performance),

- जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन (Effective Management of Risks), और 

- ग्राहकों एवं अन्य इच्छुक पक्षों (Interested Parties) की बढ़ती अपेक्षाओं की पूर्ति।


इस दृष्टि से "सुधार" (Improvement) शब्द आज पहले की अपेक्षा अधिक प्रमुख हो गया है।


PDCI Cycle का प्रस्ताव


यदि अंतिम चरण को सीधे "सुधार" (Improvement) कहा जाए, तो पूरा चक्र इस प्रकार होगा - Plan → Do → Check → Improvement


इससे प्रत्येक व्यक्ति को तुरंत यह संदेश प्राप्त होगा कि पूरी प्रणाली का अंतिम उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुधार (Improvement) प्राप्त करना है।


क्या PDCA को बदल देना चाहिए?


मेरे विचार से आधिकारिक रूप से PDCA को बदलने की आवश्यकता नहीं है। इसके निम्न प्रमुख कारण हैं - 


- PDCA चक्र (Cycle) विश्वभर में स्वीकृत एवं स्थापित मॉडल है।

- "Act" के भीतर सुधार (Improvement) पहले से निहित है।

- वैश्विक मानकों एवं प्रशिक्षण सामग्री में परिवर्तन व्यावहारिक नहीं होगा।


अधिक उपयुक्त होगा कि प्रशिक्षण, लेखन एवं जागरूकता कार्यक्रमों में "Act" की व्याख्या इस प्रकार की जाए—


Act = Improve (सुधार) + Standardize (मानकीकरण) + Learn (सीख)


या


PDCA = Plan – Do – Check – Act for Improvement (सुधार के लिए)


इस प्रकार पारंपरिक मॉडल में परिवर्तन की ज़रूरत नहीं और सुधार (Improvement) का वास्तविक उद्देश्य भी स्पष्ट हो जाएगा।


निष्कर्ष 


PDCA Cycle गुणवत्ता प्रबंधन का एक वैश्विक रूप में स्वीकृत मॉडल है। इसे बदलने की आवश्यकता नहीं है, किन्तु इसकी व्याख्या को आधुनिक संदर्भ में अधिक स्पष्ट बनाना आवश्यक है। यदि PDCI शब्दावली लोगों को यह समझाने में सहायक होती है कि प्रत्येक प्रबंधन प्रणाली का अंतिम लक्ष्य निरंतर सुधार (Continual Improvement) है, तो इसे एक वैचारिक मॉडल (Conceptual Model) के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।


यद्यपि यह एक वैचारिक प्रस्ताव है, फिर भी संभव है कि भविष्य में गुणवत्ता विशेषज्ञों के बीच इस विषय पर व्यापक चर्चा प्रारम्भ हो और यह प्रबंधन प्रणालियों की अवधारणाओं के विकास में एक नया विमर्श बन जाए। यह आलेख लेखक के व्यक्तिगत विचार प्रस्तुत करता है। इसका उद्देश्य स्थापित PDCA अवधारणा को प्रतिस्थापित करना नहीं, बल्कि 'Act' चरण के अंतर्निहित उद्देश्य—निरंतर सुधार (Continual Improvement)—को अधिक स्पष्ट रूप से समझने और समझाने पर विचार-विमर्श को आगे बढ़ाना है।


सादर, 

केशव राम सिंघल


मंगलवार, 16 जून 2026

सुधार (Correction), सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action) और निवारक कार्रवाई (Preventive Action)

सुधार (Correction), सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action) और निवारक कार्रवाई (Preventive Action)

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किसी भी प्रबंध प्रणाली के कार्यान्वयन में अक्सर तीन प्रकार की कार्रवाइयों—सुधार (Correction), सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action) और निवारक कार्रवाई (Preventive Action)—का सामना होता है। ये तीनों पद कई बार भ्रम उत्पन्न करते हैं। सुधार (Correction) से समस्या ठीक होती है, सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action) से समस्या का कारण समाप्त किया जाता है और निवारक कार्रवाई (Preventive Action) के माध्यम से समस्या उत्पन्न होने से पहले ही उसके संभावित कारण को दूर कर दिया जाता है।


सुधार (Correction) = समस्या को तुरंत ठीक करना।

सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action) = समस्या के मूल कारण को खोजकर उसे समाप्त करना ताकि वही समस्या दोबारा न हो।

निवारक कार्रवाई (Preventive Action) = समस्या उत्पन्न होने से पहले उसके संभावित कारण को समाप्त करना।


उदाहरण के तौर पर इसे इस प्रकार समझा जा सकता है। मैंने देखा कि मेरे घर की छत से बारिश का पानी टपक रहा है। समस्या देखकर मैंने बाल्टी रखकर पानी को फर्श पर फैलने से रोक दिया और टपकने वाली जगह पर अस्थायी सीलेंट लगा दिया। यह सुधार (Correction) है, क्योंकि मैंने तत्काल समस्या को संभाल लिया, लेकिन पानी टपकने का मूल कारण अभी भी समाप्त नहीं हुआ।


इसके बाद मैंने समस्या के मूल कारण को खोजने का प्रयास किया और पाया कि घर की छत की वॉटरप्रूफिंग खराब हो गई है। यह समस्या दोबारा न हो, इसके लिए मैंने पूरी छत की मरम्मत करवाई और नई वॉटरप्रूफिंग करवाई। यह सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action) है, क्योंकि मैंने पानी टपकने के मूल कारण को समाप्त कर दिया।


पिछले वर्ष बारिश के दिनों में मैंने अपने पड़ोसी के घर की छत से पानी टपकने की समस्या देखी थी। यद्यपि उस समय मेरे घर में ऐसी कोई समस्या नहीं हुई थी, फिर भी इस बार वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले मैंने अपनी छत का निरीक्षण करवाया। निरीक्षण में पता चला कि मेरी छत की वॉटरप्रूफिंग भी पुरानी हो चुकी है। इसलिए मैंने वर्षा ऋतु आने से पहले ही उसकी वॉटरप्रूफिंग करवा ली। यह निवारक कार्रवाई (Preventive Action) है, क्योंकि मैंने संभावित समस्या को उत्पन्न होने से पहले ही रोक दिया।


एक अन्य सरल उदाहरण से भी इन अवधारणाओं को समझा जा सकता है। मैं अपने स्कूटर से बाजार जा रहा था कि रास्ते में मेरे स्कूटर का टायर पंचर हो गया। मैंने पंचर ठीक करवा लिया। यह सुधार (Correction) है।


जब पंचर की मरम्मत करवाई जा रही थी, तब मैंने देखा कि ट्यूब में बड़ा पंचर है और पहले भी उसमें कई बार पंचर हो चुके हैं। स्थायी समाधान के लिए मैंने नई ट्यूब लगवा ली। यह सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action) है।


बाद में जब मेरा स्कूटर नियमित सर्विसिंग के लिए गया, तब मैंने टायर और ट्यूब की स्थिति की जाँच करवाई। उनके अधिक पुराने और घिसे हुए होने के कारण मैंने उन्हें पहले ही बदलवा दिया, ताकि पंचर जैसी समस्या उत्पन्न न हो। यह निवारक कार्रवाई (Preventive Action) है।


ये तीनों पद वास्तव में तीन महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं, जो हमारे दैनिक जीवन में भी लागू होती हैं और विभिन्न प्रबंध प्रणालियों, जैसे ISO 9001 तथा ISO 14001, के कार्यान्वयन में भी व्यापक रूप से उपयोग की जाती हैं।


सुधार (Correction) → समस्या ठीक करो।

सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action) → समस्या के कारण को समाप्त करो।

निवारक कार्रवाई (Preventive Action) → समस्या आने से पहले उसके कारण को समाप्त करो।


यदि कोई संगठन इन तीनों अवधारणाओं का नियमित रूप से उपयोग करता है, तो उसकी प्रबंध प्रणाली निश्चित रूप से अधिक प्रभावी और मजबूत बनती है। हालाँकि वर्तमान प्रबंध प्रणाली मानकों में 'निवारक कार्रवाई' (Preventive Action) शब्द का प्रत्यक्ष उपयोग पहले की भाँति नहीं किया जाता है, फिर भी इसकी मूल अवधारणा आज भी विद्यमान है। अब संभावित जोखिमों और अवसरों की पहचान तथा उन्हें संबोधित करने की अपेक्षा के माध्यम से निवारक कार्रवाई की भावना को प्रबंध प्रणालियों में समाहित किया गया है।


एक मजबूत प्रबंध प्रणाली केवल समस्याओं को ठीक नहीं करती, बल्कि उनके कारणों को समाप्त करती है और संभावित समस्याओं को उत्पन्न होने से पहले ही रोकने का प्रयास करती है।


सादर,

केशव राम सिंघल 


मंगलवार, 2 जून 2026

महत्वपूर्ण अद्यतन - ISO 9000:2026 मानक प्रकाशित

महत्वपूर्ण अद्यतन - ISO 9000:2026 मानक प्रकाशित

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गुणवत्ता प्रबंधन (Quality Management) के क्षेत्र में 2015 के बाद पहला बड़ा बदलाव करते हुए ISO 9000:2026 (Fundamentals and vocabulary) का 5वाँ संस्करण प्रकाशित हो चुका है।


मुख्य बातें -

- आशा की जानी चाहिए कि भारत में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) इसे IS/ISO 9000:2026 के रूप में शीघ्र जारी करेगा।

- इसे आगामी ISO 9001:2026 मानक के साथ पूरी तरह समन्वित किया गया है ताकि बदलती अपेक्षाओं (Updated Requirements) से तालमेल बिठाया जा सके।

- यह मानक अब केवल 'प्रणाली' (System) तक सीमित न रहकर संपूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन के लिए एक वैश्विक भाषा तय करेगा।


सादर,

केशव राम सिंघल