ISO 9001:2026 QMS में गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार की अपेक्षाएँ
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ISO 9001:2026 मानक का अध्ययन करते समय मैंने देखा कि इसमें 'गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार' (Quality Culture and Ethical Behaviour) पदबंध का कई बार प्रयोग किया गया है। आइए, इन अवधारणाओं के महत्व तथा गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (QMS) की अपेक्षाओं पर इनके प्रभाव को समझने का प्रयास करें।
1. ISO 9001:2026 में संदर्भ
Foreword (प्रस्तावना)
मानक की प्रस्तावना में गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार को शामिल करना संशोधित मानक के प्रमुख परिवर्तनों में से एक बताया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि अब इन पहलुओं को मानक की अपेक्षाओं में स्थान दिया गया है, विशेष रूप से नेतृत्व, जागरूकता तथा प्रक्रियाओं के संचालन के लिए वातावरण के संदर्भ में।
Clause 5.1.1 — नेतृत्व एवं प्रतिबद्धता (Leadership and commitment)
उपखंड 5.1.1 (i) के अनुसार, शीर्ष प्रबंधन को गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार को बढ़ावा देकर QMS के प्रति अपना नेतृत्व एवं प्रतिबद्धता प्रदर्शित करनी चाहिए।
इस उपखंड के अंत में दिया गया Note 2 स्पष्ट करता है कि किसी संगठन की गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार उसके साझा मूल्यों, दृष्टिकोणों, कार्य-पद्धतियों और कार्यों में परिलक्षित होते हैं।
Clause 7.1.4 — प्रक्रियाओं के संचालन के लिए वातावरण (Environment for the operation of processes)
इस उपखंड के अनुसार, संगठन को अपनी प्रक्रियाओं के संचालन तथा उत्पादों और सेवाओं की अनुरूपता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वातावरण का निर्धारण, व्यवस्था और रखरखाव करना चाहिए।
इस उपखंड में दिया गया नोट स्पष्ट करता है कि उपयुक्त वातावरण में मानवीय और भौतिक कारकों का संयोजन शामिल हो सकता है। इसमें यह भी बताया गया है कि कुछ कारक संगठन की गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार से प्रभावित हो सकते हैं।
Clause 7.3 — जागरूकता (Awareness)
उपखंड 7.3 (e) के अनुसार, संगठन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके नियंत्रण में कार्य करने वाले व्यक्ति संगठन की गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार के प्रति जागरूक हों।
Annex A — अपेक्षाओं के संबंध में मार्गदर्शन (Guidance on the requirements)
मानक के Annex A में भी 'गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार' पदबंध का कई बार प्रयोग किया गया है। हालांकि, Annex A एक सूचनात्मक (Informative) भाग है, जो अपेक्षाओं को समझने में मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह QMS के लिए कोई अतिरिक्त अपेक्षा निर्धारित नहीं करता।
2. ऑडिट के दृष्टिकोण से निहितार्थ
यदि हम इन प्रावधानों को ऑडिट के दृष्टिकोण से देखें, तो दो स्पष्ट अपेक्षाएँ विशेष ध्यान देने योग्य हैं।
(1) नेतृत्व (Leadership): क्या शीर्ष प्रबंधन ने संगठन में गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए अपना नेतृत्व प्रदर्शित किया है?
(2) जागरूकता (Awareness): क्या संगठन के नियंत्रण में कार्य करने वाले व्यक्ति संगठन की गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार के प्रति जागरूक हैं?
ऑडिटर इन अपेक्षाओं के कार्यान्वयन की पुष्टि के लिए वस्तुनिष्ठ साक्ष्य (Objective Evidence) की तलाश कर सकते हैं। ऐसे साक्ष्यों में प्रबंधन के निर्णय, संचार, जागरूकता कार्यक्रम, कार्यस्थल की कार्य-पद्धतियाँ तथा संगठन के नेतृत्व और कर्मचारियों का व्यवहार शामिल हो सकते हैं।
ऑडिटर को केवल यह सत्यापित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए कि कोई नीति या वक्तव्य मौजूद है। ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि संगठन गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार को किस प्रकार बढ़ावा देता है तथा संबंधित व्यक्ति इनके प्रति कितने जागरूक हैं।
इसके अतिरिक्त, Clause 7.1.4 संगठनात्मक संस्कृति, नैतिक व्यवहार और प्रक्रियाओं के संचालन के वातावरण के बीच संबंध स्थापित करता है। इसलिए, ऑडिट को केवल नेतृत्व और जागरूकता तक सीमित रखना उचित नहीं होगा।
3. Clause 9 — निष्पादन मूल्यांकन (Performance evaluation) में क्या कोई कमी (Gap) है?
एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मानक के Clause 9 में गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार की प्रभावशीलता की निगरानी, मापन या मूल्यांकन करने की कोई स्पष्ट अपेक्षा नहीं दी गई है।
Clause 9 में निगरानी, मापन, विश्लेषण, मूल्यांकन, आंतरिक ऑडिट और प्रबंधन समीक्षा के माध्यम से निष्पादन मूल्यांकन का प्रावधान है। हालांकि, यह विशेष रूप से यह अपेक्षा नहीं करता कि संगठन गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन भी करे।
इससे एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है: यदि मानक गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार को बढ़ावा देने के प्रयासों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने की स्पष्ट अपेक्षा निर्धारित नहीं करता, तो संगठन यह कैसे सुनिश्चित करेगा कि उसके प्रयास अपेक्षित परिणाम दे रहे हैं? उदाहरण के लिए, कोई संगठन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर सकता है और नैतिक व्यवहार से संबंधित अपेक्षाओं का संचार कर सकता है। लेकिन केवल इन गतिविधियों का आयोजन हो जाना इस बात का पर्याप्त प्रमाण नहीं है कि संगठन में अपेक्षित गुणवत्ता संस्कृति विकसित हो गई है अथवा नैतिक व्यवहार का निरंतर पालन किया जा रहा है।
यदि मानक में गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने की स्पष्ट अपेक्षा होती, तो इससे संगठनों को यह आकलन करने के लिए प्रोत्साहन मिलता कि उनके प्रयास अपेक्षित परिणाम प्राप्त कर रहे हैं या नहीं।
4. निष्कर्ष
ISO 9001:2026 ने नेतृत्व, जागरूकता तथा प्रक्रियाओं के संचालन के वातावरण से संबंधित अपेक्षाओं में गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार को स्पष्ट रूप से शामिल करके इन पहलुओं को अधिक महत्व दिया है। फिर भी, Clause 9 में इनकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने की स्पष्ट अपेक्षा का अभाव मानक की एक सीमा माना जा सकता है। मेरे विचार में, गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है, लेकिन इन प्रयासों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना भी उतना ही आवश्यक है। ऐसा मूल्यांकन संगठनों को कमियों की पहचान करने, उपयुक्त कार्रवाई करने तथा अपनी QMS को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता कर सकता है।
आपकी क्या राय है? क्या ISO 9001 में यह स्पष्ट अपेक्षा होनी चाहिए कि संगठन निष्पादन मूल्यांकन के अंतर्गत अपनी गुणवत्ता संस्कृति और नैतिक व्यवहार की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन करें?
सादर,
केशव राम सिंघल

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