मंगलवार, 10 मार्च 2026

मापन प्रबंध प्रणाली (Measurement Management System) – एक परिचय

मापन प्रबंध प्रणाली (Measurement Management System) – एक परिचय 

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विश्व की अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संस्था इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर स्टैंडर्डाइजेशन (ISO) ने मापन प्रबंध प्रणाली (Measurement Management System) पर आधारित मानक ISO 10012 वर्ष 2003 में प्रकाशित किया था। इस मानक का संशोधित दूसरा संस्करण वर्ष 2026 में प्रकाशित किया गया है। इस मानक को ISO की तकनीकी समिति ISO/TC 176 (Quality Management and Quality Assurance) ने यूरोपियन कमिटी फॉर स्टैंडर्डाइजेशन (CEN) के सहयोग से विकसित किया है। इस मानक में मापन प्रबंध प्रणाली की अपेक्षाओं का वर्णन किया गया है, जिनको पूरा करके किसी भी संस्था में मापन प्रबंध प्रणाली लागू की जा सकती है।


नए मानक में मुख्य बदलाव निम्न हैं - 

— प्रबंध प्रणाली मानकों के लिए एक जैसे संरचना का अनुसरण करने के लिए दस्तावेज को पुनर्गठित किया गया है। 

— हितधारकों (Interested parties) की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं।


मानक के नए संस्करण ने ISO 10012:2003 में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसका उद्देश्य किसी संस्था के लिए एक आधार बनाना है ताकि संस्था में मापन प्रक्रिया (Measurement Process) के आरंभ से अंत तक प्रभावी अनुप्रयोग के लिए मापन प्रबंध प्रणाली को लागू किया जा सके तथा निरंतर बेहतर बनाया जा सके। मापन प्रबंध प्रणाली का मुख्य उद्देश्य मापन परिणामों की वैधता (validity) और विश्वसनीयता (reliability) पर विश्वास स्थापित करना है तथा यह सुनिश्चित करना है कि संस्था द्वारा प्रदान किए जाने वाले उत्पादों और/या सेवाओं से संबंधित मापन आवश्यक गुणवत्ता स्तर का समर्थन करें। इसमें मापन प्रक्रियाओं से जुड़े जोखिमों का प्रबंधन भी शामिल है, जो गलत मापन परिणाम उत्पन्न कर सकते हैं और संस्था के उत्पादों अथवा सेवाओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।


इस मापन प्रबंध प्रणाली को सही मापन परिणामों के डिज़ाइन, विकास, जाँच, निगरानी तथा सुपुर्दगी की प्रक्रियाओं में लागू किया जा सकता है। यह मानक संस्थाओं को मापन प्रबंध प्रणाली की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने के लिए एक स्पष्ट ढाँचा (framework) प्रदान करता है। यह मानक किसी भी औद्योगिक क्षेत्र में लागू किया जा सकता है जहाँ मापन प्रबंधन की आवश्यकता हो। इसे अन्य प्रबंध प्रणाली मानकों जैसे ISO 9001 (Quality Management System) और ISO 14001 (Environmental Management System) के साथ भी समन्वित रूप से लागू किया जा सकता है।


सामान्य रूप से यह मानक उन संस्थाओं/संगठनों द्वारा उपयोग किया जाता है जहाँ मापन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और गलत मापन से जोखिम (जैसे उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित होना, सुरक्षा खतरे, अनुपालन विफलता) हो सकता है। यह किसी भी प्रकार या आकार की संस्था के लिए लागू है, लेकिन मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों/संस्थाओं में अपनाया जाता है:


- विनिर्माण (Manufacturing) उद्योग — जहाँ उत्पादन में सटीक मापन आवश्यक है (जैसे ऑटोमोटिव, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, धातु आदि)।

- एयरोस्पेस और एविएशन (Aerospace & Aviation) — जहाँ सुरक्षा और मापन की सटीकता सर्वोपरि है।

- डिफेंस/रक्षा क्षेत्र (Defence)।

- हेल्थकेयर और मेडिकल डिवाइस (Healthcare & Medical devices) — उपकरणों के कैलिब्रेशन और मापन में।

- इंजीनियरिंग और प्रोडक्शन ऑपरेशंस — सामान्य उत्पादन और ऑपरेशनल वातावरण में।

- टेस्टिंग और कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज — हालांकि इन संस्थाओ के लिए ISO/IEC 17025 अधिक विशिष्ट है, लेकिन ISO 10012 को सपोर्ट या पूरक के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

- ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, और अन्य रेगुलेटेड सेक्टर — जहाँ मापन डेटा निर्णय लेने, अनुपालन या उत्पाद गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है।


नए संस्करण के साथ यह मानक अब एक संपरीक्षण योग्य (auditable) और प्रमाणन योग्य (certifiable) प्रबंध प्रणाली मानक के रूप में अधिक सशक्त रूप में उभरा है। 2003 के संस्करण में यह मानक इतनी स्पष्टता और संरचना के साथ विकसित नहीं था। कई संगठन इसे तीसरे पक्ष से प्रमाणित करवाते हैं ताकि ग्राहकों, रेगुलेटर्स या सप्लाई चेन में विश्वसनीयता दिखा सकें।


संक्षेप में, कोई भी संस्था जो मापन पर निर्भर है और मापन जोखिमों को नियंत्रित करना चाहती है, विशेषकर जहाँ उत्पाद/सेवा की गुणवत्ता, सुरक्षा या अनुपालन दांव पर हो, वह इस मानक का उपयोग कर सकती है।


इस मानक में कुल दस खंड (Clauses) और दो परिशिष्ट (Annexes) हैं, जिनमें खंड 4 से 10 तक मापन प्रबंध प्रणाली की आवश्यकताओं (Requirements) का विस्तृत वर्णन किया गया है। 


सादर, 

केशव राम सिंघल 


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