बुधवार, 4 नवंबर 2026

गुणवत्ता सप्ताह / माह 2026: 'Quality: Powering Performance' – गुणवत्ता से कार्यनिष्पादन को नई गति

गुणवत्ता सप्ताह / माह 2026: 'Quality: Powering Performance' – गुणवत्ता से कार्यनिष्पादन को नई गति

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नवंबर का महीना दुनिया भर के गुणवत्ता पेशेवरों (Quality Professionals), प्रबंधकों और संगठनों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष विश्व गुणवत्ता सप्ताह (World Quality Week 2026) 9 नवंबर से 13 नवंबर 2026 तक मनाया जा रहा है, जिसमें 12 नवंबर 2026 को 'विश्व गुणवत्ता दिवस' (World Quality Day) मनाया जाएगा। इसके साथ ही, संपूर्ण नवंबर माह को 'गुणवत्ता माह' (Quality Month) के रूप में विभिन्न जागरूकता अभियानों, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण सत्रों के रूप में मनाया जाएगा।

इस वर्ष का केंद्रीय विषय: "Quality: Powering Performance"

चार्टर्ड क्वालिटी इंस्टीट्यूट (CQI) और IRCA द्वारा इस वर्ष (2026) के लिए निर्धारित आधिकारिक वैश्विक विषय है: "Quality: Powering Performance" (गुणवत्ता: कार्य निष्पादन को गति देना)

यह विषय इस बात पर गहरा प्रकाश डालती है कि सुदृढ़ गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियाँ (QMS, EMS आदि) केवल विनियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) या कागजी औपचारिकताओं तक सीमित नहीं हैं। इसके विपरीत, यह किसी भी संगठन की क्षमता, लचीलेपन (Resilience) और रणनीतिक विकास के मुख्य चालक (Drivers) के रूप में कार्य करती हैं।

इस वर्ष के इस अभियान को तीन प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित किया गया है:

1. निष्पादन चालक (Performance Drivers): ग्राहकों की वास्तविक अपेक्षाओं को पहचानना, बाहरी व आंतरिक संदर्भों व जोखिमों (Contextual Risks) का सटीक आकलन करना और संगठनात्मक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक मजबूत और व्यवस्थित आधार तैयार करना।

2. निष्पादन प्रणाली (Performance Systems): प्रक्रियाओं (Processes) और परिणामों पर स्पष्ट स्वामित्व (Ownership) सुनिश्चित करना। टीमों, आधुनिक तकनीकों, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chains) और साझेदारों को इस प्रकार एकीकृत करना कि कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की बाधा या अपव्यय (Waste) की गुंजाइश न रहे।

3. निष्पादन सुधार (Performance Improvement): तात्कालिक या आकस्मिक समाधानों (Ad-hoc fixes) पर निर्भर रहने के बजाय संरचित (Structured), डेटा-संचालित निरंतर सुधार (Continual Improvement) और नवाचार (Innovation) की संस्कृति को अपनाना।

भारतीय परिप्रेक्ष्य: गुणवत्ता संस्कृति को सुदृढ़ करते राष्ट्रीय संस्थान

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने वाले इस गुणवत्ता पर्व के समानांतर, भारत में हमारे शीर्ष संस्थान गुणवत्ता और मानकीकरण की संस्कृति को जन-जन और उद्योगों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं:

* क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) और NBQP: गुणवत्ता परिषद और राष्ट्रीय गुणवत्ता संवर्धन बोर्ड (NBQP) द्वारा देश भर में क्षेत्रीय गुणवत्ता सम्मेलन, क्षमता-निर्माण कार्यशालाएँ और जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। विशेष रूप से MSME सेक्टर में 'जीरो डफेक्ट जीरो इफेक्ट' (ZED Certification Scheme) जैसी पहलों के माध्यम से भारतीय विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है।

* भारतीय मानक ब्यूरो (BIS): मानकीकरण, उत्पाद प्रमाणन और उपभोक्ता संरक्षण के माध्यम से BIS पूरे देश में गुणवत्ता की नींव को मजबूत कर रहा है। हालांकि BIS का प्रमुख राष्ट्रीय उत्सव अक्टूबर में 'विश्व मानक दिवस' के साथ होता है, परंतु इसके क्षेत्रीय कार्यालय वर्ष भर तकनीकी संगोष्ठियों और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन करते हैं।

* नेशनल सेंटर फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट: समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं। 

* Quality Circle Forum of India (QCFI): QCFI द्वारा 12 नवंबर 2026 (विश्व गुणवत्ता दिवस) को एक Webinar आयोजित की जा रही है।  

गुणवत्ता सप्ताह / माह में आप क्या कर सकते हैं?

एक गुणवत्ता पेशेवर, सलाहकार या ट्रेनर के रूप में आप इस सप्ताह को निम्नलिखित गतिविधियों के माध्यम से सार्थक बना सकते हैं:

* ज्ञान साझा करना: अपने ब्लॉग, लेखों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आधुनिक प्रबंधन मानकों (जैसे ISO 9001 और ISO 14001 आदि के नवीनतम प्रावधानों) पर विचार साझा करना।

* संगठन के भीतर सत्र आयोजित करना: अपनी टीम या सहकर्मियों के लिए 'लगातार सुधार' (Continual Improvement) और प्रक्रिया-दक्षता पर छोटी कार्यशालाएँ या वेबिनार आयोजित करना।

* सतत विकास (Sustainability) पर जोर: पर्यावरण और गुणवत्ता के तालमेल को समझते हुए कार्यस्थलों पर ग्रीन अभ्यासों (Practices) को बढ़ावा देना।

सार 

गुणवत्ता केवल एक मानक या तमगा नहीं है, बल्कि यह निरंतर उत्कृष्टता की एक जीवनशैली है। आइए, इस गुणवत्ता सप्ताह / माह 2026 के अवसर पर हम सब अपने कार्यक्षेत्र में गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाकर देश और समाज के आर्थिक व व्यावसायिक विकास में अपना योगदान सुनिश्चित करें।


सादर, 

केशव राम सिंघल 

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