नेशनल सेंटर फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (NCQM) का वार्षिक दिवस समारोह
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नेशनल सेंटर फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (NCQM) की वार्षिक सामान्य बैठक (AGM) 26 सितंबर 2026 को मुंबई में वार्षिक दिवस समारोह के साथ हुई। डॉ. संतोष बी. राणे, सरदार पटेल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मुंबई के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के हेड, फंक्शन में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता थे। डॉ. राणे ने “Human-Robot Collaboration in Industry 5.0-Enabled Manufacturing” पर अपना व्याख्यान दिया।
इंडस्ट्री 4.0 से इंडस्ट्री 5.0 तक - डॉ. संतोष बी. राणे ने इंडस्ट्री 4.0 और इंडस्ट्री 5.0 के बीच का अंतर समझाया। जहाँ इंडस्ट्री 4.0 ऑटोमेशन, IoT, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट मशीनों पर काफी जोर देता है, वहीं इंडस्ट्री 5.0 ह्यूमन-सेंट्रिसिटी, सस्टेनेबिलिटी और रेजिलिएंस को ज्यादा महत्व देता है।
इंसान + रोबोट = कोलेबोरेशन (Collaboration) - इंडस्ट्री 5.0 पर चर्चा करते हुए, डॉ. राणे ने एक ज़रूरी कॉन्सेप्ट पर ज़ोर दिया: इंसान + रोबोट = कोलेबोरेशन — कॉम्पिटिशन नहीं। इसका मकसद इंसानों को रोबोट से बदलना नहीं होना चाहिए, बल्कि रोबोट को इंसानों के साथ मिलकर काम करने लायक बनाना होना चाहिए। उन्होंने समझाया कि क्रिएटिविटी, जजमेंट, फ्लेक्सिबिलिटी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग जैसी इंसानी काबिलियत को रोबोट की प्रिसिजन, स्ट्रेंथ, स्पीड और कंसिस्टेंसी जैसी काबिलियत के साथ जोड़ा जा सकता है। ऐसी एक-दूसरे को पूरा करने वाली काबिलियत मैन्युफैक्चरिंग में बेहतर नतीजे पाने में मदद कर सकती हैं।
कोलेबोरेटिव रोबोट – कोबोट्स - डॉ. राणे ने कोलेबोरेटिव रोबोट (कोबोट्स) पर भी चर्चा की। कोबोट्स को शेयर्ड वर्कस्पेस में इंसानी वर्कर्स के साथ सुरक्षित रूप से काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनका इस्तेमाल असेंबली, इंस्पेक्शन और मटीरियल हैंडलिंग जैसे कई तरह के एप्लीकेशन के लिए किया जा सकता है।
AI और स्मार्ट टेक्नोलॉजी की भूमिका - उन्होंने इंसान-रोबोट कोलेबोरेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, मशीन विज़न और सेंसर्स की भूमिका पर ज़ोर दिया। डॉ. राणे के अनुसार, भविष्य के रोबोट सिर्फ़ पहले से प्रोग्राम किए गए इंस्ट्रक्शन को फॉलो करने से कहीं आगे बढ़ेंगे। AI और दूसरी स्मार्ट टेक्नोलॉजी की मदद से, वे इंसानों के साथ काम करते हुए बदलते हालात के हिसाब से ज़्यादा ढल सकते हैं और ज़्यादा असरदार तरीके से रिस्पॉन्ड कर सकते हैं।
लोग, सेफ्टी, एथिक्स और भरोसा - इंडस्ट्री 5.0 सिर्फ़ टेक्नोलॉजी के बारे में नहीं है। लोग और उनकी काबिलियत इसे सफलतापूर्वक लागू करने के लिए ज़रूरी हैं। डॉ. राणे ने स्किल डेवलपमेंट, ट्रेनिंग, एम्प्लॉई की भलाई और चेंज मैनेजमेंट के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने ह्यूमन-रोबोट कोलेबोरेशन में सेफ्टी, एथिक्स और भरोसे पर भी चर्चा की। जब इंसान और रोबोट एक ही वर्कस्पेस में काम करते हैं, तो कोलिजन अवॉइडेंस, रिस्क असेसमेंट और फंक्शनल सेफ्टी जैसे पहलू खास तौर पर ज़रूरी हो जाते हैं। उन्होंने सही कहा: “भरोसा सुरक्षित, नैतिक और भरोसेमंद कोलेबोरेशन से कमाया जाता है।”
प्रोसेस और वर्कफ़्लो रीडिज़ाइन - डॉ. राणे ने एक और ज़रूरी बात बताई कि सिर्फ़ रोबोट इंस्टॉल करने से कोई ऑर्गनाइज़ेशन इंडस्ट्री 5.0 के लिए तैयार नहीं हो जाता। प्रोसेस और वर्कफ़्लो को रीडिज़ाइन करते समय इंसानों और रोबोट की काबिलियत और ज़िम्मेदारियों पर विचार करने की ज़रूरत है। मौजूदा प्रोसेस में सिर्फ़ टेक्नोलॉजी जोड़ने के बजाय, ऑर्गनाइज़ेशन को वर्कफ़्लो को फिर से डिज़ाइन करने की ज़रूरत हो सकती है ताकि इंसानों और मशीनों की एक-दूसरे को पूरा करने वाली क्षमताओं का अच्छे से इस्तेमाल किया जा सके।
भारत के लिए एक चुनौती - एक सवाल के जवाब में, डॉ. संतोष बी. राणे ने कहा कि भारत में बड़ी इंडस्ट्रीज़ ने इंडस्ट्री 4.0 को अपना लिया है, लेकिन इंडस्ट्री 4.0 से इंडस्ट्री 5.0 में जाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस बदलाव के लिए न सिर्फ़ टेक्नोलॉजी पर ध्यान देने की ज़रूरत है, बल्कि लोगों, स्किल्स, प्रोसेस, सुरक्षा और ऑर्गनाइज़ेशनल तैयारी पर भी ध्यान देने की ज़रूरत है।
खास बात
आसान शब्दों में, इंडस्ट्री 5.0 का मूल विचार “इंसानों के लिए टेक्नोलॉजी” के तौर पर बताया जा सकता है। यह इंटेलिजेंट मशीनों की क्षमताओं को इंसानी स्किल्स, क्रिएटिविटी और फ़ैसले के साथ मिलाकर ऐसी मैन्युफैक्चरिंग बनाने की कोशिश करता है जो ज़्यादा क्वालिटी-ओरिएंटेड, सुरक्षित, सस्टेनेबल और मज़बूत हो।
मुझे व्याख्यान खास तौर पर उपयोगी लगा क्योंकि इसने टेक्नोलॉजी (Technology), लोग (People), प्रोसेस (Process) और क्वालिटी (Quality) के चार ज़रूरी पहलुओं को एक साथ लाकर इंडस्ट्री 5.0 को समझने का मौका दिया। मुख्य अतिथि का स्वागत और परिचय NCQM के अध्यक्ष श्री संतोष खडगड़े ने किया। मैंने प्रोग्राम में ऑनलाइन हिस्सा लिया और मुझे डॉ. राणे का व्याख्यान सुनने का मौका मिला।
सादर,
केशव राम सिंघल
नेशनल सेंटर फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (NCQM) के बारे में - जो रीडर्स नेशनल सेंटर फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (NCQM) के बारे में और जानना चाहते हैं, वे इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं। ऑर्गनाइज़ेशन, इसकी गतिविधियों और सदस्य्ता के बारे में जानकारी वहाँ से मिल सकती है। Membership Brochure भी वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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