गुरुवार, 28 जुलाई 2011

‘Management Systems Awareness’ (प्रबंध प्रणाली बोध) - अंक ९


‘Management Systems Awareness’ (प्रबंध प्रणाली बोध) - अंक ९ एक ऐसा विशिष्ट अंक है जिसे हिन्दी में 'आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली पर प्रश्नोत्तर संदर्शिका ' के रूप में प्रकाशित किया गया है.
यह प्रश्नोत्तर संदर्शिका आपके मन में पैदा हुए प्रश्नों / सवालों का जवाब ढूंढने में आपके लिए सहायक रहेगी, ऐसा हमारा विश्वास है.
इस अंक में 'आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली पर' १२८ प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं. 'आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली पर प्रश्नोत्तर संदर्शिका ' का यह अंक निम्न सहयोग राशि भेजकर मंगाया जा सकता है -
एक अंक - रूपये १०० + डाक व्यय रूपये ५० अतिरिक्त
संस्थाओं के लिए विशेष
कर्मचारियों के बीच बांटने के लिए बीस या अधिक अंक मंगाने पर ४० प्रतिशत की छूट.

Please contact
Keshav Ram Singhal, Centre Coordinator,
National Centre for Quality Management,
Ajmer Centre,
117, Jeevan Vihar Colony,
Anasagar Circular Road, Ajmer - 305004.

Email - ncqmajmer@gmail.com

हिंदी में आईएसओ 9001 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली पर जानकारी देने वाला पहला ब्लॉग .....

आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली से सम्बंधित जानकारी एकत्रित करने के लिए प्रबंधन प्रतिनिधि को क्या करना चाहिए?



प्रबंधन प्रतिनिधि को चाहिए की वह निम्न मानकों की खरीद कर उन्हें सन्दर्भ के लिए अपने पास रखे :

- आईएसओ ९०००:२००५, गुणवत्ता प्रबंध प्रणालियाँ मूल सिद्धांत (आधारभूत तत्व) और शब्दावली,

- आईएसओ ९००१:२००८, गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली - अपेक्षाएं

- आईएसओ १९०११, प्रबंध प्रणाली संपरीक्षण के लिए मार्गनिर्देश



उपर्युक्त मानक भारतीय मानक ब्यूरो के विक्रय काउंटर से खरीदे जा सकते हैं.

प्रबंधन प्रतिनिधि को आईएसओ ९००० परिवार के बारे में जानकारी एकत्रित करनी चाहिए. इस सम्बन्ध में सम्बंधित मार्गदर्शन साहित्य, पुस्तकें व साफ्टवेयर की खरीद एक महत्वपूर्ण प्रयास हो सकता है. सम्बंधित जानकारी के लिए निम्न वेबसाईट्स और ब्लाग्स देखे जा सकते हैं :

www.iso.org
www.bsi.org.uk/iso-tc176-sc2
www.iqa.org
www.iatca.org
www.asq.org
www.iaf.nu
www.tc176.org
www.qualitydigest.com
www.qcin.org
www.bis.org.in
http://iso9001-2008awareness.blogspot.com
http://iso9001awareness.blogspot.com



अनेक संस्थाओं की पत्रिकाएं भी उपयोगी जानकारी प्रदान करने में सहायक हो सकती हैं, जैसे -
- क्वालिटी काउन्सिल ऑफ इंडिया की पत्रिका ‘qualityindia’
- भारतीय मानक ब्यूरो की मासिक पत्रिका ‘Standards India’
- नेशनल सेंटर फॉर क्वालिटी मेनेजमेंट, मुम्बई की पत्रिका ‘Quality Striving for Excellence’
- नेशनल सेंटर फॉर क्वालिटी मेनेजमेंट, अजमेर की प्रकाशन श्रृंखला 'प्रबंध प्रणाली बोध' ‘Management Systems Awareness’
- क्वालिटी वर्ल्ड (Quality World – a monthly magazine published from New Delhi

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शुभकामनाओं सहित,

केशव राम सिंघल

हिंदी में आईएसओ 9001 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली पर जानकारी देने वाला पहला ब्लॉग .....

बुधवार, 27 जुलाई 2011

आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली अपनाने के लिए सलाहकार की नियुक्ति क्यों जरुरी मानते हैं और सलाहकार नियुक्ति के लिए क्या ध्यान में रखना चाहिए?


सलाहकार की सेवायें लेना आवश्यक नहीं है, फिर भी संस्था का उच्च प्रबंधन अथवा परिचालन समिति को यह निर्धारित करना चाहिए कि क्या सलाहकार सेवाओं की आवश्यकता है. सलाहकार की नियुक्ति एक अच्छा निवेश हो सकता है. एक अच्छा सलाहकार उपयोगी जानकारी प्रदान करने का प्रभावी स्रोत होता है. आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली कार्यान्वयन कार्यक्रम अपनी पटरी पर चलता रहे इसके लिए सलाहकार समय समय पर आवश्यक और उपयोगी सलाह देता है. सलाहकार सेवायें लेने के लिए निम्न पांच कारण हो सकते हैं :
- सलाहकार के पास पर्याप्त अनुभव, दक्षता और समय होता है, जो कर्मचारियों में संभवतः न हो.
- सलाहकार समय के मामले में लचीलापन रखते हैं. वे किसी भी समय (अर्थात रात-दिन, सप्ताहांत व अवकाश के दिन) भी काम करने को तैयार रहते हैं, जब तक प्रोजेक्ट पूरा ना हो जाए.
- सलाहकार नवीनतम और विषयपरक जानकारी प्रस्तुत करते हैं. अपने अनुभवों के आधार पर सलाहकार नवीनतम और निष्पक्ष विचार सामने रखते हैं.
- सलाहकार सदभाव के साथ प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए तत्पर और केन्द्रित रहते हैं.
- सलाहकार आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली कार्यान्वयन के सही प्रयास के प्रमाण हो सकते हैं. सलाहकार की सेवाओं का उपयोग यह दिखाने के लिए किया जा सकता है कि संस्था ने गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली अनुपालना के लिए वास्तविक प्रयास किये हैं.

सलाहकार की नियुक्ति के लिए निम्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए :
- सलाहकार की योग्यता,
- सलाहकार की लागत (शुल्क).

सलाहकार की नियुक्ति के लिए परिचालन समिति को यह तय करना चाहिए कि सलाहकार का क्या दायित्व होगा. आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली कार्यान्वयन में हर बात के लिए उत्तरदायित्व सलाहकार पर ना डालें. हमेशा यह ध्यान रखें कि सलाहकार का दायित्व मार्गदर्शन देना और उपयोगी जानकारी प्रदान करना है, जबकि वास्तविक कार्यान्वयन प्रयास संस्था को करने हैं.

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शुभकामनाओं सहित,

केशव राम सिंघल

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मंगलवार, 26 जुलाई 2011

आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली लागू करने के लिए परिचालन समिति और टास्क फ़ोर्स के गठन और प्रशिक्षण की आवश्यकता आप क्यों महसूस करते हैं?



परिचालन समिति और टास्क फ़ोर्स के गठन के सन्दर्भ में अंतर्राष्ट्रीय मानक आईएसओ ९००१:२००८ में कोई दिशा-निर्देश या अपेक्षा नहीं है, फिर भी उच्च प्रबंधन द्वारा परिचालन समिति और टास्क फ़ोर्स का गठन एक प्रभावी कदम हो सकता है.

परिचालन समिति को संस्था में आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली कार्यान्वयन की समग्र आयोजना, निर्देश देने और संसाधनों की उपलब्धता आदि कार्यों को देखना चाहिए. संस्था का कोई उच्च अधिकारी परिचालन समिति का प्रधान और विभागों के प्रमुख व प्रबंधन प्रतिनिधि इसके सदस्य होने चाहिए. परिचालन समिति या उच्च प्रबंधन को एक टास्क फ़ोर्स का गठन करना चाहिए. टास्क फ़ोर्स का समन्वयक प्रबंधन प्रतिनिधि को बनाना चाहिए. गुणवत्ता नियमावली, कार्यविधियाँ, कार्यनिर्देश आदि प्रलेखन तैयार करने का कार्य टास्क फ़ोर्स को दिया जाना चाहिए. परिचालन समिति और टास्क फ़ोर्स के सदस्यों को संस्था की प्रक्रियाओं की अच्छी जानकारी होनी चाहिए और वे लेखन व सम्प्रेषण में दक्ष होने चाहिए.

परिचालन समिति और टास्क फ़ोर्स के सदस्यों को प्रोफेशनल प्रशिक्षक अथवा किसी प्रशिक्षण संस्था से आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली की जानकारी का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, जिसमें मानक की अपेक्षाओं की जानकारी पर विशेष ध्यान दिया गया हो. टास्क फ़ोर्स के सदस्यों को यदि आवश्यक हो तो प्रलेखन संबंधी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए. प्रबंधन प्रतिनिधि को 'लीड आडिटर' प्रशिक्षण में नामांकित करना लाभदायक होगा ताकि वह आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली को समग्र रूप से जान सके.

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शुभकामनाओं सहित,

केशव राम सिंघल

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आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली के लिए प्रबंधन प्रतिनिधि की नियुक्ति क्यों जरुरी है और यह नियुक्ति किसके द्वारा की जानी चाहिए?



किसी भी संस्था में आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली लागू करने के लिए प्रबंधन प्रतिनिधि की नियुक्ति इसलिए जरुरी है क्योंकि यह आईएसओ ९००१:२००८ गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली मानक के पैरा ५.५.२ की एक अपेक्षा है. गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली से सम्बंधित गतिविधिओं के समन्वय और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रबंधन प्रतिनिधि की नियुक्ति की जाती है. संस्था के उच्च प्रबंधन को प्रबंधन प्रतिनिधि की नियुक्ति करनी चाहिए.

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केशव राम सिंघल

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सोमवार, 11 जुलाई 2011

आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली के लिए उच्च प्रबंधन प्रतिबद्धता पर अपनी टिप्पणी लिखें.


आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली कार्यान्वयन के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है - उच्च प्रबंधन की प्रतिबद्धता. सबसे पहले उच्च प्रबंधन इस बात से सहमत होने चाहियें की संस्था में आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली लागू करने और इसका प्रमाणन लेने से उनकी संस्था को अनेक आंतरिक और बाहरी लाभ हैं और आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली लागू करने से उनकी संस्था लगातार सुधार के लिए प्रतिबद्ध हो जायेगी.

इसके लिए यह जरुरी है की उच्च प्रबंधन को आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली की जानकारी होनी चाहिए. उच्च प्रबंधन के ऐसे सदस्यों, जिन्हें आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली की जानकारी नहीं है, उनके लिए एक दिन या आधे दिन का प्रबोधन कार्यक्रम (अवारेनेस प्रोग्राम) विशेष उपयोगी हो सकता है, जिसमें निम्न बिन्दुओं पर चर्चा हो -
- आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली मानक की जानकारी
- आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली क्यों लागू करें?
- लक्ष्य और संभावनाओं की पहचान
- प्रबंधन उत्तरदायित्व
- गुणवत्ता नीति और गुणवत्ता लक्ष्यों का प्रतिपादन
- प्रबंधन प्रतिनिधि की आवश्यकता
- आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली लागू करने के लिए समितियों ( परिचालन समिति और टास्क फ़ोर्स) का गठन
- सलाहकार नियुक्ति
- किर्यान्वयन प्रक्रिया

उच्च प्रबंधन के लिए प्रबोधन कार्यक्रम ऐसे व्यक्ति द्वारा आयोजित किया जाना चाहिए जो आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली में प्रशिक्षित हो और उसे भली प्रकार समझता हो. इसके लिए बाहरी सलाहकार / प्रशिक्षक की सेवायें ली जा सकती हैं.

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केशव राम सिंघल

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गुरुवार, 30 जून 2011

आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली मानक अपना लेने और इसे लागु करने के क्या लाभ हैं?



किसी संस्था द्वारा आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली मानक अपना लेने और इसे लागू करने के अनेक लाभ होते हैं. कुछेक लाभ निम्न हैं:
ग्राहक ध्यान केन्द्रित (Customer focus) - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली मानक अपनाने और इसे लागू करने से संस्थाग्राहक की ओर अभिमुख हो ग्राहक आवश्यकताओं की पूर्ति कर ग्राहक संतोष में उन्नयन करती है.

विपणन लाभ - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली प्रमाणित संस्थाएं सामान्यत: सभी प्रकार के ग्राहकों को स्वीकार हैं, जिससे उत्पाद और सेवा दोनों का विपणन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में सुधारने में मदद मिलती है.

एक विशेष पहचान - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली प्रमाणन से संस्था को एक विशेष पहचान मिलती है, जिससे क्रेता बोध का स्टार ऊँचा उठता है और कर्मचारिओं में गर्व का भाव विकसित होता है.

विश्वास उदय - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली लागू करने से संस्था में प्रबंधन का आत्म-विश्वास बढ़ता है और ग्राहकों में भी संस्था की योग्यता और क्षमता के प्रति विश्वास जागृत होता है. इससे कर्मचारिओं का मनोबल ऊँचा उठता है.

गुणवत्ता बनाए रखने में मदद - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली अपनाने से उत्पाद और सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलती है. उत्पाद और सेवा में कोई भी प्रतिकूलता या विसंगति जल्द पता चलती है और समुचित सुधार कार्रवाई करने के लिए संस्था द्वारा उचित कदम उठाये जा सकते हैं.

कानूनी विवादों में कमी - अनेक देशों में आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली को कानूनी मान्यता मिली हुयी है. संस्था में आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली अपनाने से समरूप उत्पाद की सुपुर्दगी सुनिश्चित होती है, जिससे उत्पाद-देयता (product liability) के कानूनी विवाद कम होते हैं.

उत्पादकता सुधार - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली अपनाने से प्रबंधन उत्तरदायित्व, संसाधन प्रबंधन व उत्पाद उपलब्धि का कुशल प्रबंधन कर संस्था की उत्पादकता में सुधार का प्रतिफल मिलता है.

वित्तीय निष्पादन सुधार - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली अपनाने से उत्पादों की लागत कम करने और उत्पादकता सुधार करने में संस्था को सहायता मिलती है, जिसके फलस्वरूप संस्था के वित्तीय-निष्पादन में सुधार होता है और परिणामत: निविष के अच्छे फल प्राप्त होते हैं.

अस्वीकृतियों में कमी - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली लागू करने से आयातकर्ताओं और खरीददारों द्वारा उत्पादों को अस्वीकार करने के अवसर कम हो जाते हैं, इससे संस्था की लागत घटती है और संस्था को तात्कालिक लाभ मिलने के अवसर बढ़ते हैं.

पारदर्शिता - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली अपनाने से संस्था का सर्वोच्च प्रबंधन करमचारिओं के उत्तरदायित्वों को परिभाषित करता है, जिससे काम करने में पारदर्शिता आती है और आतंरिक विवाद के अवसर कम होते हैं.

अनुमार्गनीयता (traceability ) - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली अपनाने से जहाँ अनुमार्गनीयता ग्राहक या संस्था की अपेक्षा है, वहां कच्चा माल प्राप्त करने से लेकर उत्पाद-उपलब्धि प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक स्तर पर ग्राहक को उत्पाद सुपुर्दगी दिए जाने तक उत्पाद की अनुमार्गनीयता का पता किया जा सकता है.

प्रलेखन - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली उत्पाद - उपलब्धि, संसाधन प्रबंधन, प्रबंधन उत्तरदायित्व आदि गतिविधियों और प्रणाली संचालन से सम्बंधित प्रलेखन सुनिश्चित करती है. प्रलेखन से उत्पाद और सेवाओं की जानकारी, पुनरीक्षण और सुधार करने में सहायता मिलती है. साथ ही संस्था में एक प्रभावी गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली सुनिश्चित होती है.

मानव संसाधन विकास - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली अपनाने से संस्था के कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण और विकास सुनिश्चित होता है, जिससे संस्था के मानव संसाधन विकास के साथ समग्र सांस्कृतिक विकास में मदद मिलती है.

प्रबोधन (मोनिटरिंग) - आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली अपनाने से संस्था को अपनी तमाम गतिविधियों पर नियमित रूप से मोनिटरिंग करने और चौकसी रखने में मदद मिलती है. इसी के साथ समस्याओं को जान्ने और समय रहते उन्हें सुधारने में मदद मिलती है.

निर्यात संभावना के अवसरों में बढ़ोतरी - अनेक देशों की व्यापार संस्थाएं आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली प्रमाणित प्रदातों के साथ व्यापार करना पसंद करती हैं. बहुत से देश निर्यातकों के लिए आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली का प्रमाणन लेना अनिवार्य कर रहे हैं. इस कारण आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली प्रमाणित संस्थाओं के लिए निर्यात संभावना में बढोतरी के अच्छे अवसर बनते हैं.



नवाचार और लगातार सुधार - ग्राहकों की तेजी से बदती आवश्यकताओं को पूरा करने और बाज़ार में नेतृत्व बनाए रखने के लिए आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली मानक नवाचार में लगातार सुधार के लिए सहायक है.


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केशव राम सिंघल

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बुधवार, 29 जून 2011

किसी संस्था में आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली क्यों लागू करें?



किसी भी संस्था की आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली प्रमाणीकरण की चाहत और उसे प्राप्त करने के कई प्रत्यक्ष लाभ हैं, तभी तो आज विश्वभर में अनेक संस्थाएं इस प्रमाणन को प्राप्त कर रही हैं. हम संक्षेप में चार कारणों की चर्चा करेंगे, जिनसे यह पता चलेगा की संस्थाओं को आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली क्यों लागु करनी चाहिए.
पहला, सभी संस्थाओं (उद्योगों, सेवाओं, सरकारी, गैर-सरकारी) के लिए सामान्यत: गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली के लिए आईएसओ 9001:2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली मानक पुरे विश्व में स्वीकार्य हैं. इसका अर्थ यह है कि आईएसओ 9001:2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली प्रमाणन लेना व्यापार करने वाले अन्य पक्षों (सामान्यत: डीलर्स, आयातकर्ताओं व ग्राहकों) को यह आश्वासन देता है कि संस्था ने अपनी गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली में अंतर्राष्ट्रीय मान्यता की मानक स्तर को प्राप्त कर लिया है.

दूसरा कारण यह है कि बहुत से बड़े खरीददार, बहुराष्ट्रीय उत्पादनकर्ता, वितरको की बड़ी श्रृंखला और सरकारी व गैर-सरकारी अभिकरण / विभाग इस बात पर जोर देने लगे हैं कि उनके वितरक के पास आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली मानक का प्रमाणन हो, उसके बाद ही वे उससे काम की बात करना चाहेंगे. व्यक्तिगत संपरीक्षण उतने ही महत्वपूर्ण बने रहेंगे, जितने वे अभी हैं, लेकिन इसे किसी तीसरे स्वतन्त्र पक्ष अर्थात किसी प्रमाणन संस्था द्वारा आईएसओ 9001 :2008 प्रमाणन लेने से उसकी नींव मजबूत हो जाती है, जिसपर वितरक संपरीक्षण आधारित हो सकते हैं और जिससे काम बड़ा आसान हो सकता है.

तीसरा कारण, यह मान्यता बनती जा रही है कि जिन उद्द्योगों में उत्पाद प्रमाणन (product certification) एक सामान्य प्रथा बन गयी है, वहां नियामक अभिकरण (regulatory agencies) यह देखने लगे हैं कि संस्था ने उत्पाद प्रमाणन से पहले आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली प्रमाणन ले लिया है अथवा नहीं.

चौथा कारण, अनेक देशों के विधि-विधान में एक बड़ा पहलू यह है कि संस्थाओं को यह दर्शाना पद सकता है कि उन्होंने अपने उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा लिए हैं. आईएसओ 9001 : 2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली मानक पर आधारित प्रमाण इस आशय के माने जा सकते हैं कि संस्था ने अपने उत्पाद तैयार करने और उसकी सुपुर्दगी में पर्याप्त सावधानी बरती है. किसी उत्पाद विशेष की गुणवत्ता विफल हो जाने की अप्रिय स्थिति में कानूनी कार्रवाई के समय यह संस्था के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है.

संक्षेप में यह कहा जा सकता है कि जो संस्था अन्य संस्थाओं (विशेषकर बड़ी संस्थाओं) के साथ और देश की सीमा के बाहर व्यापार को उत्सुक है, उसके लिए आईएसओ 9001 : 2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली प्रमाणन लेना आवश्यक हो जाएगा और बहुत सी संस्थाओं के लिए तो यह आवश्यक हो भी गया है.

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शुभकामनाओं सहित,

केशव राम सिंघल

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मंगलवार, 28 जून 2011

किसी संस्था के कर्मचारिओं को आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली लागु करने के लिए क्या कदम उठाने चाहियें?


संस्था के कर्मचारिओं को आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली मानक की अपेक्षाओं तथा अपने से सम्बंधित प्रक्रियाओं को भली प्रकार जानना चाहिए. इसके लिए कर्मचारिओं को "आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली बोध (जानकारी)" प्रशिक्षण में भाग लेना चाहिए. कर्मचारिओं को अपने ज्ञान को बढाने के लिए विभिन्न पुस्तकों व साहित्य का अध्ययन करना चाहिए. यदि संस्था ने गुणवत्ता नीति और/अथवा गुणवत्ता लक्ष्यों को स्थापित कर लिया है, तो उनकी जानकारी भी कर्मचारिओं को होनी चाहिए. इस प्रकार कर्मचारी आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली मानक की अपेक्षाओं को लागू करने में अपना सहयोग दे सकते हैं.

संस्था के उच्च प्रबंधन को चाहिए की वे कर्मचारिओं के लिए एक लघु अवधि का "आईएसओ 9001 :2008 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली बोध (जानकारी)" प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें.

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शुभकामनाओं सहित,

केशव राम सिंघल

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रविवार, 26 जून 2011

आईएसओ 9000 मानक श्रृंखला के तीन मानकों आईएसओ 9000 , आईएसओ 9001 और आईएसओ 9004 में कौन सा मानक प्रमाणीकरण के लिए है?



आईएसओ 9000 मानक श्रृंखला के तीन मानकों आईएसओ 9000 , आईएसओ 9001 और आईएसओ 9004 में से वर्त्तमान लागू मानक आईएसओ ९००१:२००८ का उपयोग संस्था के प्रमाणीकरण (certification) के लिए किया जा सकता है.

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शुभकामनाओं सहित,

केशव राम सिंघल

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