कार्यस्थल पर सामाजिक जवाबदेही पर एक भारतीय मानक
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IS 16001:2012 एक महत्वपूर्ण भारतीय मानक (Indian Standard) है, जिसके बारे में अधिकांश HR पेशेवरों को अभी भी पूरी जानकारी नहीं है। इस मानक का शीर्षक है — “कार्यस्थल पर सामाजिक जवाबदेही — अपेक्षाएँ” (Social Accountability at the Work Place — Requirements)। इसे भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने प्रकाशित किया है। इस मानक को सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी सेक्शनल कमेटी (MSD 10) ने 2012 में जारी किया था और 2018 में इसे पुनःपुष्टि (Reaffirmed) किया गया है।
उद्देश्य और कार्य-क्षेत्र
इस मानक का उद्देश्य संगठन को निम्नलिखित के योग्य बनाना है -
- कार्यस्थल पर तथा अपने प्रभाव वाले क्षेत्र में सामाजिक जवाबदेही संबंधी नीतियाँ, कार्यविधियाँ और प्रथाएँ स्थापित करना, बनाए रखना और लागू करना।
- यह प्रदर्शित करना कि बनाई गई नीतियाँ, कार्यविधियाँ और प्रथाएँ लागू कानूनी, वैधानिक व विनियामक अपेक्षाओं, संगठन-विशिष्ट अपेक्षाओं तथा इस मानक की अपेक्षाओं के अनुरूप हैं।
यह मानक सभी प्रकार के संगठनों पर लागू होता है — चाहे उनका आकार, प्रकार, स्वामित्व या भौगोलिक स्थान कुछ भी हो। व्यावसायिक संस्थाएँ, सरकारी संगठन, शैक्षणिक संस्थान, NGO, ट्रस्ट, सोसायटी, सहकारी समितियाँ आदि इसे अपना सकते हैं।
यह एक प्रमाणन योग्य प्रबंधन प्रणाली मानक है। यह कार्यस्थल पर अच्छे व्यवहारों को बढ़ावा देने के लिए व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाता है, जो अक्सर सामान्य कानूनी अनुपालन से आगे जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सामाजिक-आर्थिक भलाई की रक्षा करना और उसे बढ़ाना, काम करने की स्थितियों को बेहतर बनाना, नैतिक प्रथाओं का समर्थन करना तथा भारतीय श्रम कानूनों व संबंधित अधिनियमों का पूरक बनना है।
मानक की मुख्य संरचना
इस मानक के प्रमुख संरचनात्मक तत्व निम्नलिखित हैं -
* प्रबंधन प्रणाली और दस्तावेजीकरण
* प्रबंधन की जिम्मेदारी
* संसाधन प्रबंधन
* मूल तत्व (Core Elements)
* कार्यान्वयन, निगरानी, मापन और निरंतर सुधार
* संबंधित भारतीय अधिनियमों, नियमों और विनियमों की सूची वाला परिशिष्ट (Annex)
11 मूल तत्व (Core Elements)
मानक में वर्णित 11 मूल तत्व इस प्रकार हैं -
(1) बाल मज़दूरी (Child Labour)
(2) सामुदायिक जुड़ाव (Community Engagement)
(3) भेदभाव (Discrimination)
(4) अपनी मर्जी से चुना गया रोज़गार (Employment Freely Chosen)
(5) रोज़गार संबंध (Employment Relationship)
(6) कर्मचारियों के कल्याण के उपाय (Employees’ Welfare Measures)
(7) संगठित होने की आज़ादी (Freedom of Association)
(8) कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और सुरक्षा (Health and Safety at the Workplace)
(9) उत्पीड़न, दुर्व्यवहार और अमानवीय व्यवहार (Harassment, Abuse and Inhuman Treatment)
(10) वेतन और लाभ (Wages and Benefits)
(11) काम के घंटे (Working Hours)
मानव संसाधन प्रबंधन (HRM) से संबंध
यह मानक मानव संसाधन, कर्मचारियों और श्रम प्रथाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। हालाँकि इसे शुद्ध रूप से “मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली” मानक के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक जवाबदेही / कार्यस्थल सामाजिक उत्तरदायित्व मानक के रूप में विकसित किया गया है।
यह कार्यस्थल की स्थितियों, कर्मचारियों के अधिकारों, नैतिक व्यवहार, कल्याण और श्रम कानूनों के पालन के संबंध में कर्मचारियों, हितधारकों और समाज के प्रति संगठन की जवाबदेही पर केंद्रित है। इसे लागू करने से भर्ती व रोज़गार प्रथाएँ, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, भेदभाव-मुक्त वातावरण, काम के घंटे व वेतन, कर्मचारी कल्याण, संगठित होने की स्वतंत्रता तथा संबंधित नीति व निगरानी जैसे क्षेत्रों में HR कार्यों को मज़बूत सहायता मिलती है।
यह ISO 30201 जैसा आधुनिक HR प्रबंधन प्रणाली मानक नहीं है। इसके बजाय यह कार्यस्थल पर सामाजिक/नैतिक जवाबदेही और श्रम अधिकारों के अनुपालन पर विशेष ज़ोर देता है। इसी कारण यह HR, अनुपालन (Compliance), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) और स्थिरता (Sustainability) कार्यों के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। अधिक जानकारी के लिए मानक का अध्ययन करना बेहतर है, जिसे भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards) से प्राप्त किया जा सकता है।
संक्षेप में, IS 16001:2012 संगठनों को सामाजिक रूप से उत्तरदायी कार्यस्थल प्रथाओं को व्यवस्थित रूप से प्रबंधित करने और प्रदर्शित करने के लिए एक संरचित तथा प्रमाणन योग्य ढाँचा प्रदान करता है।
सादर,
केशव राम सिंघल
HR = Human resources = मानव संसाधन
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