बुधवार, 26 अगस्त 2026

संक्षिप्त आलेख - संपरीक्षण करना (Auditing)

संक्षिप्त आलेख

संपरीक्षण करना (Auditing)

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संपरीक्षण करना किसी भी प्रबंधन प्रणाली की अनुरूपता (Conformity), कार्यान्वयन (Implementation) और प्रभावशीलता (Effectiveness) का मूल्यांकन करने का एक आवश्यक तंत्र (Mechanism) है। प्रणाली किसी भी विषय (Discipline) से जुड़ी हो सकती है, जैसे गुणवत्ता, पर्यावरण, व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, सूचना सुरक्षा, मानव संसाधन, ऊर्जा या कोई अन्य संगठनात्मक विषय। संपरीक्षक (Auditor) वस्तुनिष्ठ प्रमाण (Objective Evidence) की तुलना निर्धारित संपरीक्षण मापदंड (Audit Criteria) से करता है। इस मूल्यांकन का परिणाम अनुरूपता, गैर-अनुरूपता (Nonconformity), जोखिम, सुधार के अवसर या अन्य निष्कर्ष (Findings) के रूप में सामने आ सकता है।


इनमें गैर-अनुरूपता (Nonconformity) का विशेष महत्व है।


गैर-अनुरूपता केवल ऐसी चीज नहीं है जो संपरीक्षक को पसंद न हो या जिसे बेहतर किया जा सकता था। यह ऐसा निष्कर्ष (Finding) है, जो वस्तुनिष्ठ प्रमाण से समर्थित हो और यह दर्शाता हो कि कोई निर्धारित अपेक्षा या आवश्यकता (Requirement) पूरी नहीं हुई है।


हालाँकि, गैर-अनुरूपता की पहचान करने का महत्व केवल असफलता को दर्ज करने तक सीमित नहीं है। अच्छी तरह समझी और विश्लेषित की गई गैर-अनुरूपता सुधार (Correction), सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action), जोखिम में कमी, पुनरावृत्ति की रोकथाम और निरंतर सुधार (Continual Improvement) के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश (Input) बन सकती है।


सादर,

केशव राम सिंघल


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