मंगलवार, 20 फ़रवरी 2024

कहानी - गुणवत्ता की ओर - सुरेश की कंपनी में गुणवत्ता प्रबंधन की यात्रा - 5

सुरेश की कंपनी में गुणवत्ता प्रबंधन की यात्रा 

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शाम को जब सुरेश घर आया तो उसके पिता ने उससे किंडल रीडर मांग लिया। वह समझ गया कि उसके पिता आईएसओ 9001 पर पुस्तकें पढ़ने के लिए ही किंडल रीडर मांग रहे हैं। उसने अपने बैग से किंडल रीडर निकाला और उन्हें दे दिया। वैसे ये पुस्तकें उसके मोबाईल फोन में भी आ गई हैं, इसलिए वह इन्हें यहां पढ़ लेगा। उस दिन बाप-बेटे दोनों आईएसओ 9001 से संबधित साहित्य पढ़ने में व्यक्त रहे। वैसे भी दोनों पुस्तकों के अच्छे पाठक हैं, इसलिए पुस्तकों को समझकर पढ़ना इनकी विशेषता है। 








साभार - प्रतीकात्मक चित्र AI की सहायता से तैयार किया। 


दूसरे दिन सुबह जब सुरेश अपने ऑफिस पहुँचा तो उसने पाया कि उसकी टेबल पर कल रवि के साथ हुई मीटिंग के विवरण लिखे हुए थे, जिसे किशोर ने तैयार किया था।  सुरेश को अच्छा लगा और उसने सोचा कि किशोर को मीटिंग में बुलाना अच्छा ही रहा। थोड़ी देर बाद सुरेश ने सभी डिपार्टमेंटल हेड्स को एक कम्युनिकेशन ईमेल से भेजते हुए लिखा - "कंपनी के मैनेजमेंट ने तय किया है कि कंपनी में आईएसओ 9001 :2015 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली लागू की जाए। इस सम्बन्ध में आवश्यक तैयारी के लिए आज शाम कॉन्फ्रेंस हॉल में डिपार्टमेंटल हेड्स की मीटिंग रखी गई है। कृपया मीटिंग में उपस्थित रहें।" 


जैसे ही सुरेश का कम्युनिकेशन विभिन्न विभागों में पहुँचा तो कानाफूसी शुरू हो गई। कंपनी के अधिकतर व्यक्तियों  को पता चल गया कि कम्पनी आईएसओ गुणवत्ता प्रबध प्रणाली लागू करने जा रही है। एक ने कहा - अब कंपनी आईएसओ 9001 सर्टिफिकेशन लेने की तैयारी कर रही है। दूसरे ने पूछा - यह आईएसओ 9001 क्या होता है? तीसरे ने कहा - आईएसओ मानकों के सर्टिफिकेट तो बाजार में बिकते हैं। पैसा दो, सर्टिफिकेट लो। जितने मुँह, उतनी बातें। कुछ तो इस बात से परेशान थे कि अब उनका काम और बढ़ जाएगा। 


शाम चार बजे सभी विभागों के हैड्स कॉन्फ्रेंस हॉल में एकत्रित हो गए। सुरेश ने सभी को सम्बोधित करते हुए बताया कि उनकी कंपनी कर्मचारियों की मेहनत के बल पर लगातार सफलता अर्जित कर रही है। उत्पाद या सेवा की गुणवत्ता वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है। आज विश्व में गुणवत्ता को महत्त्व दिया जा रहा है, इसलिए हम भी आईएसओ 9001 :2015 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली लागू करने जा रहे हैं। इस सम्बन्ध में हमने निम्न कार्य-योजना बनाई है - 


(1) एक संचालन समिति (steering commitee) की स्थापना - मैन्युफैक्चरिंग डिपार्टमेंट के हेड पांडे जी इस समिति के प्रमुख होंगे, जिनकी सहायता उनके विभाग के असिस्टेंट मैनेजर किशोर करेंगे तथा सभी डिपार्टमेंटल हेड्स इस समिति के सदस्य होंगे। समिति कार्यान्वयन प्रक्रिया की समग्र योजना बनाने और आवश्यक निर्देश देने के लिए जिम्मेदार होगी। आवश्यक संसाधन हमारे द्वारा उपलब्ध कराये जायेंगे।


(2) एक टास्क फोर्स की स्थापना की जाएगी, जिसका काम डॉक्यूमेंटेशन से संबंधित होगा। मैन्युफैक्चरिंग डिपार्टमेंट के असिस्टेंट मैनेजर किशोर इस टास्क फ़ोर्स के कन्वेनर होंगे। संचालन समिति (steering commitee) से अपेक्षा की जाती है कि एक सप्ताह इस टाक फ़ोर्स के अन्य सदस्यों के नाम तय कर ले। साथ ही ध्यान रखे कि ऐसे व्यक्तियों को टास्क फ़ोर्स में लिया जाए, जो लेखन में कुशल हो और जिसे हमारी कंपनी के प्रोसेसेस (processes) की अच्छी जानकारी हो। हम टास्क फ़ोर्स के सदस्यों को गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली प्रलेखन (QMS documentation) की ट्रेनिंग देना चाहेंगे। 


(3) वैसे तो हम चाहते हैं कि गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली कार्यान्वयन के लिए हम सलाहकार पर अधिक निर्भर नहीं रहें, फिर भी आवश्यक हो तो संचालन समिति आवश्यक मामलों पर गुणवत्ता सलाहकार रवि से सलाह लेने का निर्णय ले सकती है। 


(4) हम चाहते हैं कि हमारी कंपनी के प्रत्येक कर्मचारी को आईएसओ 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली की समुचित जानकारी हो। इसलिए सभी कर्मचारियों से आग्रह है कि वे किंडल पुस्तक "Training Handbook on ISO 9001:2015 QMS Awareness" ऑनलाइन अमेजन से खरीद लें, जिसका मूल्य कंपनी द्वारा उन्हें reimburse कर दिया जाएगा। इस हैंडबुक में पाँच assignments दिए हैं। कर्मचारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे इन assignments को पूरा कर हमें जमा करा दें। जो भी इस असाइनमेंट्स में 80 प्रतिशत से अधिक स्कोर प्राप्त करेगा, उसे दो हजार रूपये का incentive दिया जाएगा। किसी को असाइनमेंट्स में कोई दिक्कत हो, वे संचालन समिति के सदस्यों या मुझसे सम्पर्क कर सकते हैं। इस सम्बन्ध में कर्मचारियों की जानकारी के लिए एक सर्कुलर शीघ्र जारी कर दिया जाएगा।  


(5) हम चाहते हैं कि आईएसओ 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली कार्यान्वयन का एक एक्शन प्लान बना लिया जाए। संचालन समिति (steering commitee) से अपेक्षा की जाती है कि एक सप्ताह के अंदर एक्शन प्लान बना ले।  


(6) कुछ लोगों को हम आईएसओ 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली आंतरिक संपरीक्षक (Internal auditor) की ट्रेनिंग पर भेजना चाहेंगे, इसलिए संचालन समिति (steering commitee) से अपेक्षा की जाती है कि एक सप्ताह के अंदर ऐसे लोगों की लिस्ट बना लें, जिन्हें आंतरिक संपरीक्षक (Internal auditor) की ट्रेनिंग दी जा सके। 


किशोर ने अपने सम्बोधन के अंत में सभी से पूछा कि किसी को कुछ पूछना या कहना हो तो बताएँ। मैन्युफैक्चरिंग डिपार्टमेंट के हेड पांडे जी खड़े हुए और उन्होंने कहा - "मैं इस बात से अत्यंत प्रसन्न हूँ कि हमारी कंपनी आईएसओ 9001 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली लागू करने जा रही है। निश्चित ही हम इस ओर ध्यान देंगे। मैं कंपनी के मैनजमेंट का आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने मुझे आईएसओ 9001 संचालन समिति (steering commitee) का प्रमुख चुना।" खरीद विभाग (Purchase department) के हैड गुप्ता खड़े हुए और कहा - "महोदय, यह एक अच्छा निर्णय है। मैं जानना चाहता हूँ कि टास्क फ़ोर्स में कितने सदस्य होंगे और कितने लोगों को आईएसओ 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंध प्रणाली आंतरिक संपरीक्षक (Internal auditor) की ट्रेनिंग पर भेजा जाएगा। 


किशोर ने गुप्ता की बातों का समाधान करते हुए बताया कि अभी निश्चित संख्या तय नहीं की है, और इस सम्बन्ध में संचालन समिति को तय करना चाहिए कि कितने सदस्यों को ट्रेनिंग पर भेजा जाए। यह ध्यान रखा जाए कि सभी को एक साथ नहीं, बल्कि क्रमशः रूप में भेजा जाए, ताकि कम्पनी के कार्य में भी व्यवधान ना पड़े।

 

शेष फिर,

केशव राम सिंघल


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